किसिने मुझे चारमिनार सीगरेट के फ़ायदे बताये,Marlboro के खिलाफ़.उसिके प्रत्युत्तर मे ये कविता.
मुझे तो एक बहना चहिये
तुम्हे देखने का.
सीगरेट के एक कश के बाद
धुए मे तुम्हे धुंड्ने का.
मेरे साकी ने बतलया मुझको,
देसी मे ही बात है.
कैसे यकीन दिलाउ यार?
ये खोकले होने की तयारी नही,
मेरे दिल के जस्बात है.
अभी तो बहोत जीना है
तेरी य़ाद मे.
मरने वालो को
चारमिनार समर्पित करती हुं.
तेरि याद,तेरि सांसे,
यहा तक के तेरा अहसास भी
महसुस कराती Marlboro मुझको,
इसीलीये होठों से लगाती हुं.
D shivani
Nagpur

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